पहरूआ चैनल की पीछे के मंसा | भोजपुरी समाचार | बतकही | आपन बात |
पहरुआ चैनल - अपनी माईभाखा भोजपुरी में समाचार, बतकही, बात-विचार सुनीं। गाँव-जवार, खेत-खलिहान, भोजपुरिया संस्कृति, समाज, सभ्यता, भाखासबके समेटले के कोसिस कइल जाई अउर बिहाने-बिहाने रउआं के अपनी भाखा में...
View Articleतुलसी रमायन – भोजपुरी भवार्थ की साथे (बालकांड - बंदऊँ गुरु पद पदुम परागा....)
बंदऊँ गुरु पद पदुम परागा। सुरुचि सुबास सरस अनुरागा॥अमिअ मूरिमय चूरन चारू। समन सकल भव रुज परिवारू॥1॥ (चौपाई)भावार्थ:- हम गुरु महराज की चरन में लागल धूरि (माटी) के बंदना करतानी। (इ धूरी कवनो आम धूरी ना...
View Articleअबहिनो मोदिएजी काहें? - सुनले जाईं
इ सही बात बा की केहू दूध के धोवल नइखे पर जवन उपलब्ध बा ओ में भाजपा नंबर वन बा। एतने ना अगर पीएम की रूप में एगो सच्चा, कर्तव्यनिष्ठ, जनसेवक अउर जुझारू मनई के बात होई त मोदीजी नंबर वन बाने। अब देखि लीं,...
View Articleतुलसी रमायन – भोजपुरी भवार्थ की साथे ( प्रथम सोपान : बालकांड) – सोरठा
सोरठा-जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन।करउ अनुग्रह सोइ बुद्धि रासि सुभ गुन सदन॥१॥भावार्थ:- जेकर सुमिरन कइले से सबकुछ के सिद्धी होला, जे गणलोगन के मालिक हS अउरी जेकर मुँह श्रेस्ठ हाथी के हS। उ बुधी...
View Articleतुलसी रमायन – भोजपुरी भवार्थ की साथे ( प्रथम सोपान : बालकांड) - श्लोक
गोस्वामी तुलसीदास जीरामायन के रचयिता तुलसीदासजी भगवान राम के परम भक्त रहनीं। इहाँका अपनी इष्टदेव भगवान राम की पावन चरित के घर-घर में पहुँचावे खातिर दिन-रात एक कS के राम चरित मानस (रामायन) के रचना मूल...
View Articleफगुआ निचकाइल ए सजनी
गाँव-घर से दूर सहर में रहत जब फगुआ निचकाला त अपनी मन्ने, ना चाही के भी गाँव केफगुआ, फगुनहटी बयार, सम्मति गाड़ल से ले के जरवरे ले, धूरखेलि, लुकारा भाँजल की साथे-साथे होरहा, कचरस, राब, महिया, माई की हाथे...
View Articleजोगीर्रा सरSSररSS पहल प्रतियोगिता - 2018
आपन मेहरी पेट ढंके, दूसरे के रखले रहे उघार,इ हे आज के सोंच कबीरा, इ हे त बा संसार....जोगीर्रा सरss ररss....जोगीर्रा सरSSररSS...पहल बा...बस की लोग अपनी भाखा में लिखे...खेल-खेल में लीखे..सब केहू...
View Articleफगुआ (होरी गीत) संग्रह पहल प्रतियोगिता - 2018
भोजपुरी नगरिया, हर्फ मीडिया अउर किताब गली के प्रस्तुति फगुआ (होरी गीत) संग्रह पहल प्रतियोगिता - 2018धेयान दीं- रउरी सहजोग की बिना इ पहल पूरा ना...
View Articleभोजपुरिया बीर-बाकुड़ा नमन पहल-प्रतियोगिता
26 जनवरी की उपलछ में भोजपुरी नगरिया अउर टेक्नोलाजिकल एजूकेशन सोसाइटीभारतीय शहीदन के नमन करत ए पहल में रउरी जोगदान के, सहभागिता के आभारी बा। सहजोग के हाथ बढ़ाईं, लेखनी उठाईं अउर कवनो भोजपुरिया बीर के...
View Articleअपनी काम से राखS काम....
अपनी काम से राखS काम, ना त हो जाई तोहार काम तमाम।कवनो भी काम जुग-जबाना, समय-परिस्थिति की हिसाबे से कइल ठीक रहेला। आज-कल लोग बात-बिना बात के भी बार-बार कहि देला की "भलाई के जबाना नइखे।" ए में कुछ...
View Articleमाईभाखा समरिधी पहल - सतत प्रतियोगिता आयोजन
राउर विचार, सुझाव बहुते काम के रही।-----------------------------------------#माईभाखा कहानी अउर #कबितई #प्रतियोगिता की सफलता से मन एकदम्मे गदगद बा। दरअसल इ प्रतियोगिता ना हो के एगो सतत चलेवाला पहल बा,...
View Articleदसा अउर दुरदसा के जिम्मेदार के?
का बताईं। घरे रहनी हँS तS काम पार नाहीं लागत रहल हS। खेते में जाए में छाती फाटत रहल हS। गोबर-गोहथारी तS दूर के बाती बा, चउवनों कुली के नादे पर बँधले में हाथे में सानी-पानी लगले के डर बनल रहत रहल हS।...
View Articleखोंता
जीवन की मूलभूत जरूरतन में रोटी, कपरा अउर मकान सबसे ऊपर बा। वइसे आजकल जवनेंगा नवहइया फैसन चलता, लागता की अब कपरा के ओतना जरूरत नइखे रहि गइल, हँ पर ठंड, ताप आदि से देहीं के बचावे खातिर मजबूरी में त कपरा...
View Articleसावनी बदरिया
बदरिया.....बदरिया...बदरिया.....सावनी बदरिया.......बदरिया मोरे जिया तरसाय......बदरिया......पिया मिलन की आस भड़काय........ बदरियाबदरिया..... बदरिया मोरे जिया तरसाय......बदरिया......1भींजत चाहत मोर...
View Articleमाईभाखा कबितई प्रतियोगिता चल रहल बा.......रउओं कबिता भेज के सहजोग करीं
भोजपुरी नगरिया, भोजपुरी पंचायत नवजागरण प्रकाशन अउर कंपुनेट सल्यूशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित - माईभाखाकबितई प्रतियोगिताराम-राम, नमस्कार। भोजपुरी नगरिया और भोजपुरी पंचायत द्वारा आयोजित माईभाखाकहानी...
View Articleजहाँ चुप्पी, उहाँ सांति
चुप रहीं न जी!!कहल जाला की सौ बोलता के एगो चुप्पा हरावेला। बोलीं, जहाँ बोले के बा, जहाँ रउआँ लागता की राउर बोलल जरूरी बा, उहाँ बोलीं पर अगर रउआँ लागता की रउरी ना बोलले से बात बन जाई त मत बोलीं,...
View Articleनीमन से झाड़-फूँक
सरधा होखहीं के चाहीं। दुनिया के चलावे में विस्वास के बहुत बड़हन हाथ बा पर दुनिया के सही तरे से चलावे में, दुनिया में नैतिकता के बनावे रखले में सरधा के बहुत बड़हन जोगदान बा। रउआँ खूब खेलीं, जहाँ मोन करे...
View Articleसंतुस्ति
ओई दिन रमेसर काका की लइका के तिलक रहे। तिलकहरून खातिर खूब बेवस्था भइल रहे। तरह-तरह के मिठाई त बनले रहनींसन खइले-पियले के भी अनघा इंतजाम कइल गइल रहे। हितनात की साथे-साथे पूरा गांव-गड़ा रमेसर काका की...
View Articleजापान....की जा पान खाए
जापान एगो एइसन देस जवन बहुते कर्मठ अउर मेहनती ह। हमरा लागेला की खाली देस हित के बात कइले से केहू देसपरमी ना हो जाला भा देस, समाज के सुभचिंतक ना हो जाला। सही देसपरेमी उ हे ह जवन काम क के, मेहनत क के...
View Articleजोगीजी....धीरे-धीरे! जोगीजी.....बाह.....जोगीजी!
गाना-बजाना ना आवेला हमरा, पर गाना-बजाना सुनल बहुते नीक लागेला। हँ पर लोकगीतन, पुराना गीतन आदि के सुनल हम खूब पसंद करेनी। इ जवन सीर्सक बा- जोगीजीवाला, इहां इ गाना की रूप में नइखे, हम जोगीजी के बात...
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